लेकिन श्रुति का काम सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं था।
कलेक्टर साहिबा का नाम सुनते ही गाँव-शहर में सम्मान और उम्मीद की लहर दौड़ जाती थी। चौक पर लगे पुराने पीपल के पेड़ के नीचे लोग बैठकर उसके आने का इंतजार करते; कोई शिकायत लेकर आता, तो कोई सरकारी काम निपटवाने। पर कलेक्टर साहिबा सिर्फ एक अधिकारी नहीं थीं — वे बदलाव की मूर्त प्रतिमा थीं।
जिला मजिस्ट्रेट (DM) के रूप में, वे जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं। पुलिस बल के साथ समन्वय करना, दंगे या अशांति के समय धारा 144 लागू करना और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना उनके प्रमुख कर्तव्यों में शामिल है।
जिला कलेक्टर (District Collector), जिसे कुछ राज्यों में जिला मजिस्ट्रेट (DM) या उपायुक्त (DC) भी कहा जाता है, किसी भी जिले का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है। जब इस पद पर कोई महिला अधिकारी नियुक्त होती है, तो उन्हें सम्मानपूर्वक 'कलेक्टर साहिबा' कहा जाता है।
अगर आप चाहें, तो मुझे बता सकते हैं:
2. कलेक्टर साहिबा के प्रमुख कार्य और जिम्मेदारियाँ
3. महिला कलेक्टर के सामने चुनौतियाँ (Challenges Faced)
कलेक्टर साहिबा कौन होती हैं? (Who is a Collector Sahiba?)
यह किताब एक बेस्टसेलर बन चुकी है और 150,000 से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं।
यदि आप इस विषय पर कुछ और विशिष्ट जानकारी चाहते हैं, तो कृपया मुझे बताएं:
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